अंतरराष्ट्रीय इक्विटी में बीटा के विरुद्ध दाँव
सारांश
यह दस्तावेज़ ऐसी देश-आधारित इक्विटी रणनीति बताता है जिसका आधार यह विचार है कि लीवरेज या मार्जिन की सीमाओं वाले निवेशक ऊँचे बीटा वाली परिसंपत्तियों की कीमत बढ़ा सकते हैं। निवेशक एक वर्ष की चलती अवधि में हर देश के ETF का US इक्विटी सूचकांक के मुकाबले बीटा अनुमानित कर सकते हैं, ETF को रैंक कर सकते हैं और कम तथा ऊँचे बीटा वाले पोर्टफोलियो बना सकते हैं। पोर्टफोलियो का बीटा एक पर लाया जाता है और हर महीने पुनर्संतुलित किया जाता है; रणनीति कम बीटा वाली टोकरी में लॉन्ग और ऊँची बीटा वाली टोकरी में शॉर्ट पोज़िशन लेती है।
उद्धृत शोध के अनुसार, कई बाज़ारों और परिसंपत्ति वर्गों में बीटा के विरुद्ध दाँव लगाने से सकारात्मक जोखिम-समायोजित रिटर्न मिले हैं। दस्तावेज़ यह भी बताता है कि मंदी के बाज़ार में यह रणनीति इक्विटी जोखिम को आंशिक रूप से हेज कर सकती है। नतीजे सुनिश्चित नहीं हैं: वित्तपोषण की सीमाएँ कड़ी होने पर रिटर्न कमज़ोर हो सकते हैं और कम बीटा एक्सपोज़र की व्यापक माँग मूल्यांकन बढ़ाकर बाज़ार तनाव में प्रदर्शन को नुकसान पहुँचा सकती है। पृष्ठ विस्तृत बैकटेस्ट विनिर्देश, लेनदेन लागत या बताए गए निष्कर्षों का स्वतंत्र आकलन नहीं देता।
मुख्य विचार
- लीवरेज की सीमाओं के कारण निवेशक ऊँचे बीटा वाली परिसंपत्तियों के लिए ज़्यादा कीमत दे सकते हैं, जिससे उनका जोखिम-समायोजित रिटर्न घटता है।
- उदाहरण में एक वर्ष की चलती अवधि से देश के ETF को US इक्विटी सूचकांक के मुकाबले बीटा पर रैंक किया गया है।
- यह हर महीने पुनर्संतुलित कम और ऊँचे बीटा वाले पोर्टफोलियो बनाता है और दोनों का बीटा एक पर रखता है।
- कम बीटा में लॉन्ग और ऊँचे बीटा में शॉर्ट पोज़िशन को संभावित आंशिक इक्विटी हेज के रूप में पेश किया गया है।
- कड़ी वित्तपोषण स्थितियाँ और भीड़-भाड़ वाले कम-बीटा ट्रेड प्रदर्शन कमज़ोर कर सकते हैं।
टैग
यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।