बिजली प्रतिफलों में दीर्घ-परास निर्भरता का मापन
सारांश
यह दस्तावेज़ बिजली प्रतिफलों के सांख्यिकीय गुणों का अध्ययन करता है और उनकी उच्च अस्थिरता तथा मज़बूत औसत-वापसी प्रवृत्ति पर प्रकाश डालता है। यह चरम मूल्य चालों को ट्रेडिंग जोखिम का स्रोत मानता है और ट्रेडिंग रणनीति प्रस्तावित करने के बजाय अलग-अलग समय पैमानों में निर्भरता मापने पर केंद्रित है।
इसमें तीन विधियाँ बताई गई हैं: हर्स्ट रिस्केल्ड-रेंज विश्लेषण, डीट्रेंडेड फ्लक्चुएशन विश्लेषण और पीरियडोग्राम प्रतिगमन। दिए गए विवरण में अनुमान, नमूना अवधि, डेटा स्रोत या विधियों के बीच तुलना नहीं है, इसलिए रिपोर्ट की गई निर्भरता की शक्ति या स्थायित्व का मात्रात्मक निर्धारण नहीं होता। इसका दायरा बिजली प्रतिफलों में औसत-वापसी की जाँच के लिए इस्तेमाल किए गए विश्लेषणात्मक तरीके की पहचान तक सीमित है।
मुख्य विचार
- बिजली की कीमतों को असामान्य रूप से अस्थिर बताया गया है, जिससे चरम चालों का जोखिम रहता है।
- अध्ययन बिजली प्रतिफलों में औसत-वापसी व्यवहार की जाँच करता है।
- इसमें हर्स्ट रिस्केल्ड-रेंज विश्लेषण, डीट्रेंडेड फ्लक्चुएशन विश्लेषण और पीरियडोग्राम प्रतिगमन लागू किए गए हैं।
- दिए गए विवरण में नमूने का विवरण, अनुमान या अनुभवजन्य तुलना शामिल नहीं है।
टैग
पूरा पाठ
# Measuring long-range dependence in electricity prices # Measuring long-range dependence in electricity prices The price of electricity is far more volatile than that of other commodities normally noted for extreme volatility. The possibility of extreme price movements increases the risk of trading in electricity markets. However, underlying the process of price returns is a strong mean-reverting mechanism. We study this feature of electricity returns by means of Hurst R/S analysis, Detrended Fluctuation Analysis and periodogram regression.
स्रोत के लाइसेंस के तहत श्रेय सहित पूरा पाठ दिखाया गया है। लाइसेंस: abstract CC0
यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।