बाज़ार बदलावों के अंतर्गत अप्रत्यक्ष उपयोगिता की स्थिरता
सारांश
यह दस्तावेज़ अध्ययन करता है कि जोखिमपूर्ण एसेट के रिटर्न की गतिशीलता में बदलाव होने पर ट्रेडिंग रणनीति से जुड़ी अप्रत्यक्ष उपयोगिता प्रक्रिया कैसे बदलती है। रणनीति का इष्टतम होना आवश्यक नहीं है, इसलिए विश्लेषण उप-इष्टतम ट्रेडिंग निर्णयों से उत्पन्न उपयोगिता प्रक्रियाओं पर भी लागू होता है।
लेखक पहले प्रतिलोम संयुग्मता के अभिलक्षण स्थापित करते हैं, फिर यह सिद्ध करते हैं कि रिटर्न के परिमित-विविधता और मार्टिंगेल घटक एक साथ बदलने पर अप्रत्यक्ष उपयोगिता प्रक्रिया सतत रहती है और उसमें प्रथम-क्रम का अभिसरण होता है। यह परिणाम बाज़ार परिवर्तन के इन दोनों स्रोतों में स्थिरता का वर्णन करता है। संक्षिप्त विवरण में उपयोगिता मॉडल, बदलावों की मान्यताएँ या मात्रात्मक उदाहरण नहीं दिए गए हैं, इसलिए यह सीधे जाँचे जा सकने वाले ट्रेडिंग नियम के बजाय सैद्धांतिक स्थिरता परिणाम प्रस्तुत करता है।
मुख्य विचार
- अप्रत्यक्ष उपयोगिता का अध्ययन उन रणनीतियों के लिए भी किया जा सकता है जो इष्टतम नहीं हैं।
- विश्लेषण ड्रिफ़्ट-जैसे और मार्टिंगेल रिटर्न घटकों में एक साथ बदलावों पर विचार करता है।
- स्थिरता परिणामों का आधार प्रतिलोम संयुग्मता के अभिलक्षण हैं।
- बताए गए बाज़ार बदलावों के अंतर्गत अप्रत्यक्ष उपयोगिता प्रक्रिया सतत रूप से बदलती दिखाई गई है।
- प्रथम-कोटि अभिसरण स्थापित किया गया है, हालाँकि विवरण में विशिष्ट मान्यताएँ या अनुभवजन्य साक्ष्य नहीं दिए गए।
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पूरा पाठ
# Stability of the indirect utility process # Stability of the indirect utility process We investigate the dynamic stability of the indirect utility process associated with a (possibly suboptimal) trading strategy under perturbations of the market. Establishing the reverse conjugacy characterizations first, we prove continuity and first-order convergence of the indirect-utility process under simultaneous perturbations of the finite variation and martingale parts of the return of the risky asset.
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यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।