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ब्याज दर व्यवस्था के अनुसार CTA निश्चित-आय आवंटन

लेख Systematic trading blog (Rob Carver)

सारांश

दस्तावेज़ जाँचता है कि क्या ब्याज दर की स्थितियाँ निश्चित-आय फ़्यूचर्स और ट्रेडिंग नियमों में CTA आवंटन को अनुकूलित करने में मदद कर सकती हैं। इसमें मेटा-पूर्वानुमान का प्रस्ताव है: ऐतिहासिक रणनीति रिटर्न को व्यवस्था चर के आधार पर समूहित करें, फिर उन समूहों के प्रदर्शन की तुलना करें। उदाहरणों में सामान्यीकृत US पाँच-वर्षीय प्रतिफल स्तर और बदलाव लिए गए हैं। Eurodollar और कई Treasury फ़्यूचर्स के साथ कैरी तथा मोमेंटम नियमों और इंस्ट्रूमेंट या नियम मिलाकर बने पोर्टफ़ोलियो की जाँच की गई है।

लेखक कमज़ोर प्रमाण बताते हैं कि सामान्यीकृत दर के ऊँचे स्तर बॉन्ड-फ़्यूचर्स मोमेंटम के पक्ष में हैं और पाँच-वर्षीय कॉन्ट्रैक्ट तथा तेज़ मोमेंटम को थोड़ा अधिक वरीयता देने का सुझाव देते हैं। जब गिरती प्रतिफल दरें मोमेंटम को कम सहारा देती हैं, तब कैरी तुलनात्मक रूप से मज़बूत दिखता है। चर्चा में शार्प अनुपात, पोर्टफ़ोलियो नतीजे और नमूना-वितरण का उल्लेख है, लेकिन पाठ में चार्ट और मूल अनुमान नहीं हैं; इसलिए प्रमाण का स्वतंत्र आकलन यहाँ संभव नहीं। व्यवस्था के विभाजन और ऐतिहासिक सशर्त प्रदर्शन अस्थिर या नमूना-निर्भर हो सकते हैं; सुझाव अस्थायी हैं, सत्यापित आवंटन नियम नहीं।

मुख्य विचार

  • मेटा-पूर्वानुमान किसी देखे जा सकने वाले शर्तकारी चर से परिभाषित व्यवस्थाओं में रणनीति प्रदर्शन की तुलना करता है।
  • उदाहरणों में निश्चित-आय फ़्यूचर्स रिटर्न को सामान्यीकृत प्रतिफल स्तरों और बदलावों के आधार पर परखा गया है।
  • पाठ में केवल कमज़ोर प्रमाण है कि दर के ऊँचे सामान्यीकृत स्तर मोमेंटम को लाभ देते हैं।
  • लेखक निश्चित-आय CTA आवंटन में पाँच-वर्षीय फ़्यूचर्स और तेज़ मोमेंटम को अस्थायी रूप से वरीयता देते हैं।
  • जब प्रतिफल दरों में बदलाव मोमेंटम को कम सहारा देते हैं, तब कैरी अपेक्षाकृत मज़बूत दिखता है।

टैग

यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।