स्टोकेस्टिक अस्थिरता के साथ पेयर्स ट्रेडिंग की इष्टतम सीमाएँ
सारांश
यह शोधपत्र पेयर्स ट्रेडिंग को तीन पोज़िशनों में से चुनाव के रूप में प्रस्तुत करता है: बिना पोज़िशन रहना, एक परिसंपत्ति को लॉन्ग और दूसरी को शॉर्ट रखना, या उन पोज़िशनों को उलटना। दो सहसंबद्ध परिसंपत्तियों का स्प्रेड स्टोकेस्टिक अस्थिरता वाली माध्य-वापसी प्रक्रिया का अनुसरण करता है और हर पोज़िशन बदलाव पर निश्चित कमीशन लगता है। उद्देश्य यह तय करना है कि उस लागत को ध्यान में रखकर पोज़िशन बदलना कब उचित है।
लेखक निर्णय को इष्टतम स्विचिंग समस्या के रूप में प्रस्तुत करते हैं और समाधान के अस्तित्व तथा कटऑफ़ बिंदुओं को निर्धारित करने के लिए विस्कोसिटी-समाधान विधियों का उपयोग करते हैं। ये कटऑफ़ अर्ध-बीजगणितीय समीकरण हल करके निकाले जाते हैं और संख्यात्मक अनुकरण नतीजों को स्पष्ट करते हैं। दस्तावेज़ में अनुकरण के विशिष्ट आँकड़े या अनुभवजन्य परीक्षण नहीं हैं, इसलिए यह नहीं दिखता कि नियम बाज़ार डेटा पर कैसा प्रदर्शन करते हैं। इसके निष्कर्ष मान लिए गए स्प्रेड की गतिशीलता, लेन-देन लागत की संरचना और मॉडल व्यवस्था पर भी निर्भर हैं; व्यावहारिक उपयोग के लिए जाँचना होगा कि ये मान्यताएँ परिसंपत्ति-युग्म और ट्रेडिंग परिवेश के अनुकूल हैं या नहीं।
मुख्य विचार
- पेयर्स ट्रेडिंग को बिना पोज़िशन, लॉन्ग-स्प्रेड और शॉर्ट-स्प्रेड व्यवस्थाओं के बीच बदलाव के रूप में मॉडल किया जा सकता है।
- यह माना गया है कि स्प्रेड औसत स्तर की ओर लौटने की प्रवृत्ति रखता है, जबकि उसकी अस्थिरता स्टोकेस्टिक रूप से बदलती है।
- हर ट्रेड पर लगने वाला निश्चित कमीशन पोज़िशन बदलने के इष्टतम समय को प्रभावित करता है।
- प्रस्तावित स्विचिंग कटऑफ़ विस्कोसिटी समाधानों और अर्ध-बीजगणितीय समीकरणों से निर्धारित होते हैं।
- संख्यात्मक अनुकरण विश्लेषण स्पष्ट करते हैं, पर दस्तावेज़ अनुभवजन्य बाज़ार सत्यापन रिपोर्ट नहीं करता।
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पूरा पाठ
# Optimal switching for pairs trading rule: a viscosity solutions approach # Optimal switching for pairs trading rule: a viscosity solutions approach This paper studies the problem of determining the optimal cut-off for pairs trading rules. We consider two correlated assets whose spread is modelled by a mean-reverting process with stochastic volatility, and the optimal pair trading rule is formulated as an optimal switching problem between three regimes: flat position (no holding stocks), long one short the other and short one long the other. A fixed commission cost is charged with each transaction. We use a viscosity solutions approach to prove the existence and the explicit characterization of cut-off points via the resolution of quasi-algebraic equations. We illustrate our results by numerical simulations.
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यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।