स्थिर डेरिवेटिव और गतिशील शेयरों से अंतिम संपत्ति का अनुकूलन
सारांश
यह शोधपत्र निवेशक की समस्या को भविष्य के किसी क्षितिज पर संपत्ति की अपेक्षित उपयोगिता अधिकतम करने के रूप में रखता है। यह दो तरह की पोज़िशन जोड़ता है: शुरुआत में एक बार चुने गए डेरिवेटिव और समय के साथ गतिशील रूप से समायोजित शेयर होल्डिंग। इस व्यवस्था में डेरिवेटिव पोज़िशन स्थिर रह सकती है, जबकि बाज़ार के बदलने पर शेयर रणनीति प्रतिक्रिया देती है।
विश्लेषण को सामान्य अर्ध-मार्टिंगेल ढाँचे में रखा गया है और उपयोगिता सकारात्मक संपत्ति के लिए परिभाषित है। अंश समस्या के सूत्रीकरण का वर्णन करता है, लेकिन समाधान विधि, नतीजे, उदाहरण या अनुभवजन्य साक्ष्य नहीं देता। इसलिए यह इष्टतम रणनीति लागू करने का तरीका दिखाने के बजाय दायरा और मान्यताएँ स्थापित करता है। किसी भी निष्कर्ष की उपयोगिता यहाँ अनुपस्थित विवरणों पर निर्भर करेगी, जिनमें सटीक उपयोगिता फलन, डेरिवेटिव भुगतान, ट्रेडिंग बाधाएँ और बाज़ार मान्यताएँ शामिल हैं।
मुख्य विचार
- उद्देश्य अंतिम संपत्ति की अपेक्षित उपयोगिता अधिकतम करना है।
- डेरिवेटिव पोज़िशन शुरुआती समय पर चुनी जाती हैं और स्थिर रखी जाती हैं।
- निवेश अवधि के दौरान शेयर पोज़िशन गतिशील रूप से समायोजित की जा सकती हैं।
- ढाँचा सामान्य अर्ध-मार्टिंगेल बाज़ार मॉडल और सकारात्मक संपत्ति की उपयोगिता का उपयोग करता है।
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पूरा पाठ
# Optimal Investment with Stocks and Derivatives # Optimal Investment with Stocks and Derivatives This paper studies the problem of maximizing expected utility from terminal wealth combining a static position in derivative securities, which we assume can be traded only at time zero, with a traditional dynamic trading strategy in stocks. We work in the framework of a general semi-martingale model and consider a utility function defined on the positive real line.
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यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।