जनवरी बैरोमीटर: जनवरी रिटर्न पर ट्रेडिंग
सारांश
जनवरी बैरोमीटर में इक्विटी सूचकांक के जनवरी रिटर्न से बाकी ग्यारह महीनों का एक्सपोज़र तय करने का प्रस्ताव है। जनवरी सकारात्मक हो तो शेयर रखने का और नकारात्मक हो तो ट्रेज़री बिल में जाने का संकेत मिलता है। दस्तावेज़ लंबी अवधि के बॉन्ड वाला विकल्प भी बताता है और कहता है कि 152 वर्षों के अमेरिकी बाज़ार डेटा का उपयोग करने वाले स्रोत शोधपत्र में, उस नमूने के दौरान इक्विटी और बिल वाला नियम निष्क्रिय इक्विटी निवेश तथा जनवरी-आधारित कई विकल्पों से बेहतर रहा।
साक्ष्य विवादित हैं। दस्तावेज़ चेतावनी देता है कि लॉन्ग-शॉर्ट रूप तेज़ी के बाज़ार में नुकसानदेह शॉर्ट पोज़िशन ले सकता है और लंबे ऐतिहासिक परीक्षण में जनवरी के बाद के पाँच सबसे खराब अंतरालों में से चार के दौरान यह नियम एक्सपोज़र में था। अन्य उद्धृत अध्ययनों में देशों, शैलियों और बाद की अवधियों में नतीजे कमज़ोर या महत्वहीन हैं; जोखिम समायोजन के बाद यह प्रभाव खरीदकर रखने से बेहतर भी नहीं हो सकता। इस पैटर्न की कोई मज़बूत बुनियादी व्याख्या नहीं है और यह डेटा माइनिंग या इक्विटी के लंबे समय से ऊपर जाते रुझान को दर्शा सकता है। इसलिए ऐतिहासिक नतीजे लगातार बने रहने वाले या उपयोगी पूर्वानुमान लाभ को स्थापित नहीं करते।
मुख्य विचार
- सकारात्मक जनवरी रिटर्न को अगले ग्यारह महीनों तक शेयर रखने के संकेत के रूप में उपयोग किया जाता है।
- वर्णित सरल नियम नकारात्मक जनवरी के बाद ट्रेज़री बिल में चला जाता है।
- स्रोत शोधपत्र में इक्विटी और बिल वाले नियम के कई विकल्पों से बेहतर ऐतिहासिक नतीजे बताए गए हैं।
- तेज़ी के बाज़ार में शॉर्ट पोज़िशन लेने पर लॉन्ग-शॉर्ट समय-निर्धारण को भारी नुकसान हो सकता है।
- अन्य शोध इस प्रभाव के महत्व, बने रहने और खरीदकर रखने के मुकाबले इसके लाभ पर सवाल उठाते हैं।
टैग
यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।