स्वचालित फ़्यूचर्स ट्रेडिंग सिस्टम में हस्तक्षेप का प्रबंधन
सारांश
लेखक स्वचालित फ़्यूचर्स सिस्टम से बने ट्रेडों को हाथ से बदलने या बंद करने के जोखिमों की जाँच करते हैं। मुख्य सुझाव है कि नियम वैध रहने पर सिस्टम को खुली पोज़िशन संभालने दें और हस्तक्षेप केवल उन दुर्लभ, असामान्य जोखिमों के लिए रखें जिन्हें ट्रेडिंग दिन से पहले पहचाना गया हो। सुझाई गई निगरानी आदतों में तय अंतराल पर जाँच करना, अलर्ट म्यूट करना, नियंत्रणों तक पहुँच सीमित करना और सिस्टम में पहले से तय सुरक्षा उपाय तथा वैकल्पिक निकास जोड़ना शामिल है।
लेखक एक सप्ताह के लाइव प्रयोग की रिपोर्ट करते हैं, जिसमें दस ट्रेडों के सिस्टम नतीजों की विवेकाधीन हस्तक्षेपों से तुलना की गई। बताए गए अंतर में सिस्टम का अनुसरण करना बेहतर रहा; सिस्टम का ट्रेलिंग स्टॉप सक्रिय होने के बाद हस्तक्षेपों से कभी-कभी अनचाही उलटी पोज़िशन बनी। लेखक यह भी कहते हैं कि हाथ से किए बदलाव प्रदर्शन रिकॉर्ड को दूषित करते हैं और आगे हस्तक्षेप को बढ़ावा दे सकते हैं। ये निजी अवलोकन बहुत छोटे नमूने पर आधारित हैं; वे यह स्थापित नहीं करते कि हस्तक्षेप आम तौर पर रिटर्न घटाते हैं। लेख व्यावहारिक प्रक्रिया सलाह देता है, नियंत्रित अध्ययन या सिस्टम विफलताओं से निपटने का सार्वभौमिक नियम नहीं।
मुख्य विचार
- हाथ से किया गया हस्तक्षेप स्वचालित रणनीति के नियमों और प्रदर्शन मापन को कमज़ोर कर सकता है।
- लेखक के छोटे लाइव नमूने में हस्तक्षेप के बाद नतीजे खराब थे, लेकिन यह सांख्यिकीय रूप से निर्णायक नहीं है।
- लेखक असाधारण जोखिम समायोजन ट्रेडिंग शुरू होने से पहले करने के पक्ष में हैं।
- तय अंतराल पर निगरानी और संकेत कम करने से आवेग में ट्रेड बदलने की संभावना घट सकती है।
- पहले से तय सुरक्षा उपाय और निकास सिस्टम के तर्क में उपयुक्त हस्तक्षेप शामिल कर सकते हैं।
टैग
यह सारांश मूल स्रोत के आधार पर Stratmill के शोध एजेंट ने लिखा है; यह स्रोत की प्रति नहीं है।